Ira Web Patrika
फरवरी 2026 अंक पर आपका हार्दिक अभिनन्दन है। यह अंक श्रद्धेय गोविन्द गुलशन की स्मृतिओं को समर्पित है। आपकी अमूल्य प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा रहेगी।
मनोज कुमार शुक्ल 'मनुज' के घनाक्षरी छन्द

ज्ञान,भक्ति,आत्मसुख, परमार्थ, दिव्यता की,
कृष्ण हैं अगर चाभी राधिका जी ताला हैं।

मनोज कुमार शुक्ल 'मनुज' के छन्द

नव वर्ष दिव्यता दे दीप्त यह जीवन हो ,
ज्ञान, मान, यश नित्य - नित्य बढ़ता रहे।

डॉ० मधु प्रधान के दोहे

अक्षत, कुंकुम थाल ले, द्वारे वन्दनवार।
स्वागत है नववर्ष का, ले फूलों का हार।।

प्रीति शर्मा प्रीति के दोहे

 
पुष्प-प्रणय खिलने लगे, जाग रही उर आस।
अधरो के अनुबंध ने, भरा प्रेम विश्वास।।