Ira Web Patrika
फरवरी 2026 अंक पर आपका हार्दिक अभिनन्दन है। यह अंक श्रद्धेय गोविन्द गुलशन की स्मृतिओं को समर्पित है। आपकी अमूल्य प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा रहेगी।
स्मृति से संकल्प तक- अलका मिश्रा

गोविन्द गुलशन जी की शायरी, उनका मार्गदर्शन और उनका स्नेह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रकाश-पुंज बनकर रहेगा। यह विशेषांक उसी स्मृति, उसी कृतज्ञता और उसी प्रकाश को समर्पित है।

नववर्ष एवं गणतंत्र दिवस की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ- अलका मिश्रा

साहित्य समाज का दर्पण ही नहीं, बल्कि संवेदना की वह चेतना है, जो मनुष्य को मनुष्य से जोड़ती है। नववर्ष अपने साथ नवीन ऊर्जा, नवीन स्वप्न और नवीन दृष्टि लेकर आता है, और हम भी इन्हीं मूल्यों के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

समय के सवाल और हमारी जवाबदेही

इरा मासिक वेब पत्रिका एक साहित्यिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक वैचारिकी का एक प्लेटफ़ॉर्म है। अतः साहित्यिक और संपादकीय लेखन का दायित्व केवल घटनाओं का दस्तावेज़ बनना नहीं, बल्कि समय को आईना दिखाना भी है। बीता वर्ष हमें चेतावनी देकर गया है और नया वर्ष हमें अवसर दे रहा है, एक अधिक मानवीय, न्यायपूर्ण और समावेशी समाज गढ़ने का।
आगामी नए वर्ष में शुभकामनाओं के साथ यही हमारी कामना भी है और ज़िम्मेदारी भी।

रावण दहन और दीपावली : अंधकार से प्रकाश की यात्रा- अलका मिश्रा

आज के युग में यह प्रश्न और भी गहराई से उठता है कि क्या हमने सच में अपने भीतर के रावण को जलाया है? क्या हर वर्ष पुतला दहन के साथ हम अपने भीतर के अहंकार, क्रोध, स्वार्थ और असंवेदनशीलता को भी राख बना पाते हैं?