Ira Web Patrika
अप्रैल-जून 2026 अंक पर आपका हार्दिक अभिनन्दन है। आपकी अमूल्य प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा रहेगी।
डॉ० मधु प्रधान के दोहे

अक्षत, कुंकुम थाल ले, द्वारे वन्दनवार।
स्वागत है नववर्ष का, ले फूलों का हार।।

प्रीति शर्मा प्रीति के दोहे

 
पुष्प-प्रणय खिलने लगे, जाग रही उर आस।
अधरो के अनुबंध ने, भरा प्रेम विश्वास।।

वसंत जमशेदपुरी के दोहे

पतझड़  ही आता सदा, लेकर सुखद वसंत।
सार समझ संसार का, दुख का होगा अंत।।

आशा अमित नशीने के सवैये

आशा अमित नशीने के गीत एवं छंदों पर महारत हासिल है। आपकी लेखनी बहुत सशक्त है।