Ira Web Patrika
फरवरी 2026 अंक पर आपका हार्दिक अभिनन्दन है। यह अंक श्रद्धेय गोविन्द गुलशन की स्मृतिओं को समर्पित है। आपकी अमूल्य प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा रहेगी।
निवेदिताश्री

जिंदगी गणित नहीं

, भावना है —

यहाँ हिसाब नहीं,

विश्वास चलता है।

निवेदिताश्री के माहिए

यह देह पुरानी है
मोह नहीं करना
नित आनी-जानी है

शकुंतला अग्रवाल 'शकुन' के माहिए

धन एक छलावा है।
बात पते की है,
सब एक दिखावा है।।

डॉ० निधि सिन्हा 'निदा' के माहिए

गर सच्चा यार मिले,
रब की रहमत का,
समझो दरबार खुले।