Ira Web Patrika
फरवरी 2026 अंक पर आपका हार्दिक अभिनन्दन है। यह अंक श्रद्धेय गोविन्द गुलशन की स्मृतिओं को समर्पित है। आपकी अमूल्य प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा रहेगी।
प्रदीप अवस्थी की बात कविताएँ

मिले सभी का प्यार तुम्हें
खुशियों का संसार तुम्हें

सीढ़ी-सीढ़ी चढ़ते जाओ
हरदम नयी सफलता पाओ

नीता अवस्थी की बाल कुण्डलिया 

सच्चे बालक हम सभी, नहीं बोलते झूठ।
सदा सत्य ही बोलते, चाहे  जाओ  रूठ।।
 
 चाहे जाओ  रूठ, लौटकर फिर आओगे।
सच का दर्पण देख, बाद में पछताओगे।।
 
मन के कोमल भाव, उमर के हैं हम कच्चे।
मगर इरादे नेक, हृदय के बिल्कुल सच्चे।।

डॉ० प्रदीप अवस्थी के बालगीत

पौधा माँ के नाम लगायें
धरती माँ को हरा बनायें

जीवन का माँ पोषण करती
बच्चों के कष्टों को हरती

नीता अवस्थी के बाल गीत

छोटे-छोटे हाथ मगर हम,
बीज खुशी के रोपेगें।
रोड़ा अगर बीच में आया,
उसे काटकर फेकेगें।।