Ira Web Patrika
फरवरी 2026 अंक पर आपका हार्दिक अभिनन्दन है। यह अंक श्रद्धेय गोविन्द गुलशन की स्मृतिओं को समर्पित है। आपकी अमूल्य प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा रहेगी।
प्यारचंद शर्मा 'साथी' की कविताएँ

प्रकृति और जीवन को अपनी अनुभवी नज़रों से देखतीं रचनाकार की ये कविताएँ बहुत सामान्य शब्दों और बिम्बों में गहन दर्शन समाहीत किये हुए हैं। यहाँ पेड़, नदी, दोपहर, मील का पत्थर आदि प्रतीक भर नहीं, बल्कि नायक बनकर उभरते हैं।

डॉ. निर्मल प्रवाल की कविताएँ

फ़रिश्ते कभी पर लगाकर
आसमान से नहीं उतरते
वो छिपे रहते हैं आस-पास ही
वो जानते हैं
कब प्रकट होना है
कब रहना है अदृश्य

मनराज मीणा की कविताएँ

युवा कवि मनराज मीणा की कविताएँ प्रेम की बड़ी सुंदर व्याख्या करती हैं। प्रेम की विराट दृष्टि इन्हें समस्त सृष्टि से जोड़ती हुई प्रतीत होती है। समाज और उससे जुड़े सरोकार भी इनकी कविताओं में बिना किसी प्रयास के सम्मिलित होते हैं। कम अवस्था में मनराज की कविताओं की परिपक्वता ध्यान आकृष्ट करती हैं।

जतिन्द्र औलख की कविताएँ

जतिन्द्र औलख का जन्म पंजाब में जिला अमूर्तसर के पाकिस्तान की सरहद के पास बसे गाँव कोहाली में हुआ। आप मेघला नाम की साहित्यिक पत्रिका का प्रकाशन करते रहे हैं, जो पंजाबी में प्रतिनिधि पत्रिका के रूप में मान्य रही है। अमेरिका के शहर न्यूयॉर्क शहर से प्रकाशित हो रहे अखबार राइटर वीकली में जतिन्द्र औलख कवियों और कविता के बारे में सप्ताहिक कॉलम लिख रहे हैं, जो विश्व के अलग-अलग देशों में पढ़ा व सराहा जाता है। जतिन्द्र औलख पंजाबी कविता में अपनी पहचान रखते हैं और हिंदी में इन्होंने हाल ही में कविता लिखनी शुरू की है।