Ira Web Patrika
फरवरी 2026 अंक पर आपका हार्दिक अभिनन्दन है। यह अंक श्रद्धेय गोविन्द गुलशन की स्मृतिओं को समर्पित है। आपकी अमूल्य प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा रहेगी।
डॉ० निर्मल कुमार सैनी की कविताएँ

दस टीन तेल  
पाँच चीनी के कट्टे 
चार बोरी गेंहूँ
से लदा हुआ गाड़ी
में जुता हुआ 
मैं गधा हूँ 

विजय राही की कविताएँ

तुम्हारे चले जाने पर भी
तुम्हारी याद की ही तरह
यह तपेगी
जलेगी
ढह पड़ेगी

सुमिता सिन्हा की कविताएँ

कुछ चिह्न
मिटते नहीं हैं
जगह बदलकर
आँखों के सामने से हटकर
मन पर आ लगते हैं

लिली मित्रा की कविताएँ

काला मुँह लिए झूठ झेल रहा है अवसाद
कर लेगा आत्महत्या
बिना कोई सुसाइड नोट लिखे