Ira Web Patrika
नवम्बर-दिसम्बर 2025 संयुक्तांक पर आपका हार्दिक अभिनन्दन है। आपकी अमूल्य प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा रहेगी।
विजय राही की कविताएँ

तुम्हारे चले जाने पर भी
तुम्हारी याद की ही तरह
यह तपेगी
जलेगी
ढह पड़ेगी

सुमिता सिन्हा की कविताएँ

कुछ चिह्न
मिटते नहीं हैं
जगह बदलकर
आँखों के सामने से हटकर
मन पर आ लगते हैं

लिली मित्रा की कविताएँ

काला मुँह लिए झूठ झेल रहा है अवसाद
कर लेगा आत्महत्या
बिना कोई सुसाइड नोट लिखे

प्रतीक झा 'ओप्पी' की कविताएँ

ओपेनहाइमर की नीली आँखों ने
सबकुछ भस्म कर दिया
अब खबर है-
भौतिकी ने प्रतिशोध की ठान ली है