Ira Web Patrika
अप्रैल-जून 2026 अंक पर आपका हार्दिक अभिनन्दन है। आपकी अमूल्य प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा रहेगी।
पंकज चतुर्वेदी की कविताएँ

मेरा साथ इसलिए मत देना
कि मैं तुम्हारा सजातीय हूँ
या मित्र हूँ
या इस प्रत्याशा में
कि मैं भी तुम्हारा साथ दूँगा
व्यक्ति का साथ मत देना

सत्या शर्मा 'कीर्ति' की कविताएँ

पर बार-बार सज़ा के बाद भी
हम संभलते नहीं
क्योंकि मनुष्य को
भगवान बन जाने का अहंकार
उसे मनुष्य भी कहाँ रहने देता है

हरेराम 'समीप' की कविताएँ

वे/ प्रेम से करते हैं घृणा/
और घृणा से करते हैं प्रेम

वे उगाना चाहते हैं/ अतीत
वर्तमान के खेतों में
और फ़सल काटना चाहते हैं/ भविष्य की

वीना श्रीवास्तव की कविताएं

ख़ून के बहते धार को रोकने में
हमारा भी रक्त रिसेगा निश्चित ही
वैसे भी
आधी दुनिया के रक्त रिसावी चक्र से ही
जन्मी है तुम्हारी दुनिया