Ira Web Patrika
अप्रैल-जून 2026 अंक पर आपका हार्दिक अभिनन्दन है। आपकी अमूल्य प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा रहेगी।
डॉ० सुषमा त्रिपाठी की कहानी 'प्रसाद'

बारह वर्ष का अनुराग अभी स्कूल से आकर लेटा ही था कि उसके कानों में फुसफुसाहट आ पड़ी,सुनो भाभी! ये अनुराग अब भी तुम्हारे ही गले की घण्टी बना रहेगा? आख़िर कब तक यह यहीं तुम्हारे सर का बोझ बना रहेगा?'

अनिता रश्मि की कहानी 'रिश्ते यूँ ही नहीं खोते'

माँ ने पायल से कहा था, "इस रिश्ते का कोई वजूद है? क्या नाम देगी? कभी किसी ने पूछा तो खुलकर बता पाएगी? और कभी अलग होना पड़े, उसकी किसी चीज़ पर हक़ रहेगा, दावा कर पाएगी? बच्चे को बाप का नाम दे...?"

मौसमी चंद्रा की कहानी 'कुहू'

हम जगह-जगह रिश्तों के नाम के बांध लगाते हैं। सोचते हैं जीवन की गति अपने तरीके से चलाएँगे। चला पाते हैं? नहीं।

अंजू केशव की कहानी '24 कैरेट'

"एक-एक पैसे की वैल्यू होती है हम मिडिल क्लास वालों के लिए और तुम....", बात अधूरी छोड़ कर चुप हो गया नीरज।
"मैं कुछ नहीं जानती। मुझे तो इस बार रोज़ चाहिए। मैं भी आज देखूँगी कि तुम्हारी ज़िंदगी में मेरी क्या अहमियत है!" बात खत्म करते-करते नेहा नें नीरज को टिफिन पकड़ा दिया।