Ira Web Patrika
नवम्बर-दिसम्बर 2025 संयुक्तांक पर आपका हार्दिक अभिनन्दन है। आपकी अमूल्य प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा रहेगी।
ऋचा पाठक की लघुकथाएँ

बगीचे के कोने में फूल-पत्तों की कतरनों और बाकी गंदगी के ढ़ेर पर उगा हुआ कुकुरमुत्ता आज सुबह से ही मुस्कुरा रहा था। हवा के झोंकों के साथ ऐसे हिल रहा था जैसे नाच रहा हो।

जानकी विष्ट वाही की लघुकथाएँ

जल्दी-जल्दी सरसतिया से दूर जाने की हड़बड़ी में सुहासिनी का पाँव जो मुड़ा तो दर्द से दोहरी हो वहीं गिर गई।

नीलिमा शर्मा 'निविया' की लघुकथाएँ

अपने बापू को भेज, मेरी माँ पे चादर डाल दे। उन दोनों का ‎बुढ़ापा‬ भी कटेगा और थारे घर गर्म रोटी भी पकेगी। और मैं भी आ जाऊँगी, थारे घर, थारी
बहन बनके।

पूजा अग्निहोत्री की लघुकथाएँ

 
नवल और नीता का प्रेम विवाह था। लेकिन जबसे उनके जीवन में नन्ही परी ने दस्तक दी उनके परिवार में तो खुशियाँ बढ़ी लेकिन उन दोनो में दूरियाँ बढ़ती जा रही थी।
कारण भी समझ में नही आ रहा था।