Ira Web Patrika
फरवरी 2026 अंक पर आपका हार्दिक अभिनन्दन है। यह अंक श्रद्धेय गोविन्द गुलशन की स्मृतिओं को समर्पित है। आपकी अमूल्य प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा रहेगी।
असलम राशिद की पाँच ग़ज़लें

बिछड़े थे जिसकी वजह से सीता से राम जी
मैं उस हिरन को राम कहानी से खींच लूँ

विज्ञान व्रत की ग़ज़लें

एक ज़रा-सी ग़लती पर
दुनिया-भर के जुर्माने

गोविन्द गुलशन की ग़ज़लें

मलते   रहेंगे  हाथ  करेंगे   मलाल   सब
ख़ाली निकल के आएँगे पानी से जाल सब