Ira Web Patrika
अप्रैल-जून 2026 अंक पर आपका हार्दिक अभिनन्दन है। आपकी अमूल्य प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा रहेगी।
ज्योति जैन 'ज्योति' के गीत

पैर धरातल पर ही रखना,
सुता, न देना हद उमगाय।

अनामिका सिंह के नवगीत

हमने जो
रेखाएँ खीचीं
रबर फिरा दी तुमने उन पर
फिर भी काग़ज़
अगर उठाया
तुमने लिखा रसोई , बिस्तर

रमेश गौतम के नवगीत

फिर घिनौने
क्षण हमें घेरे हुए
एक गौरेय्या गगन कैसे छुए

वसंत जमशेदपुरी के गीत

बरसाने की राधा हो तुम,
ब्रज का हूँ नटनागर मैं।
वृंदावन की कुंज गली तुम,
मैं यमुना का तीर प्रिये।