Ira Web Patrika
अप्रैल-जून 2026 अंक पर आपका हार्दिक अभिनन्दन है। आपकी अमूल्य प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा रहेगी।
राघव शुक्ल के गीत

कामनाओं का हवन होगा
यहीं अब चिंतन मनन होगा
भावनाओं के भवन में फिर
प्रेम से भगवद्भजन होगा
यहीं होंगे स्वप्न सब साकार
क्षुब्ध मन में छा गया उल्लास

शीतल बाजपेयी के गीत

सूर्य डूबता नहीं कभी भी, धरा अक्ष पर घूमा करती।
दृष्टिकोण उत्कृष्ट बने तो मंज़िल पग को चूमा करती।
हार नही मानी है मैने, ना मरते दम तक मानूँगी।
जितना दुर्व्यवहार करोगे उतनी ही मजबूत बनूँगी।

संध्या सिंह के गीत

लिखूँ मोर की
कलगी पर मैं
घने घने कजरारे बादल
सहमी हिरनी के
पैरों मे
लिखूँ कुलाँचे जंगल-जंगल

पिंजरे के
तोता मैना को
पंखों का विस्तार लिखूँगी

सीमा अग्रवाल के गीत

ओढ़े अबीर पहने गुलाल
फगुआ की धुन पर
नाच रही
बगिया बगिया।