Ira Web Patrika
फरवरी 2026 अंक पर आपका हार्दिक अभिनन्दन है। यह अंक श्रद्धेय गोविन्द गुलशन की स्मृतिओं को समर्पित है। आपकी अमूल्य प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा रहेगी।
छंद की पाठशाला- मनोज शुक्ल 'मनुज'

इससे पूर्व के अंकों में आपने सवैया के मत्त गयंद, मोद, अरसात, किरीट, चकोर, मदिरा, सुमुखि, मुक्ताहरा, मंजरी, लवंगलता, सनेही, दुर्मिल, मनुज, सुंदरी ,सुखी, अरविन्द, हरीश व गंगोदक सवैया आदि का विधान पढ़ा। इस अंक में उड़ान सवैया, गुरुकुल सवैया, मंदारमाला सवैया, गोकर्ण सवैया, सर्वगामी सवैया व रेशमा सवैया का विधान उदाहरण सहित दिया जा रहा है।

छन्द कि पाठशाला- मनोज कुमार शुक्ल 'मनुज'

इससे पूर्व के अंकों में आपने सवैया के मत्त गयंद, मोद, अरसात, किरीट,चकोर, मदिरा, सुमुखि, मुक्ताहरा, मंजरी, लवंगलता, सनेही व दुर्मिल आदि भेदों के विधान के बारे में पढ़ा। इस अंक में मनुज सवैया, सुंदरी सवैया, सुखी सवैया, अरविन्द सवैया, हरीश सवैया व गंगोदक सवैया का विधान उदाहरण सहित दिया जा रहा है।

सवैया छन्द के भेद- मनोज शुक्ल 'मनुज'

इससे पूर्व के अंक में आपने सवैया के मत्त गयंद, मोद, अरसात,किरीट,चकोर व मदिरा सवैया के विधान के बारे में पढ़ा। इस अंक में सुमुखि, मुक्ताहरा, मंजरी, लवंगलता, सनेही व दुर्मिल सवैया का विधान दिया जा रहा है।

सवैया छन्द एवं उनके भेद- मनोज शुक्ल "मनुज"

यह एक वर्णिक छंद है। सवैया गणों पर आधारित होता है। इसमें चार चरण होते हैं। इसमें वर्णिक वृत्तों में 22 से 26 अक्षर के चरण होते हैं। सवैया छंद में चारों चरणों में सम तुकांतता होती है।