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छन्द की पाठशाल- मनोज शुक्ल"मनुज"

छन्द की पाठशाल- मनोज शुक्ल"मनुज"

इससे पूर्व के अंकों में आपने सवैया के मत्त गयंद, मोद, अरसात, किरीट, चकोर, मदिरा, सुमुखि, मुक्ताहरा, मंजरी, लवंगलता, सनेही, दुर्मिल, मनुज, सुंदरी, सुखी,अरविन्द, हरीश, गंगोदक, उड़ान, गुरुकुल, मंदारमाला, गोकर्ण, सर्वगामी व रेशमा सवैया का विधान पढ़ा इस अंक में आभार सवैया, शान्ति सवैया ,मनोज सवैया, अपराजिता सवैया, श्री दुर्गा सवैया व अदिति सवैया आदि उदाहरण सहित दिए जा रहे हैं।

 

इससे पूर्व के अंकों में आपने सवैया के मत्त गयंद, मोद, अरसात, किरीट, चकोर, मदिरा, सुमुखि, मुक्ताहरा, मंजरी, लवंगलता, सनेही, दुर्मिल, मनुज, सुंदरी, सुखी,अरविन्द, हरीश, गंगोदक, उड़ान, गुरुकुल, मंदारमाला, गोकर्ण, सर्वगामी व रेशमा सवैया का विधान पढ़ा इस अंक में आभार सवैया, शान्ति सवैया ,मनोज सवैया, अपराजिता सवैया, श्री दुर्गा सवैया व अदिति सवैया आदि उदाहरण सहित दिए जा रहे हैं।विधान-

(25) आभार सवैया

आठ  तगण
कुल - 24 वर्ण
221  221 221 221 221 221 221 221

हे!ईश आओ बचाओ हमें पाप के हाथ लंबे कहे जा रहे आज।
जो सत्य के थे बने दूत वो भी अँधेरी गली में बहे जा रहे आज।
सीधे सुकर्मी तुम्हारे सहारे वही कष्ट भोगे सहे जा रहे आज।
रिश्ते हुए हैं टका के हवाले सुनाते सभी हैं ढहे जा रहे आज।
-मनोज शुक्ल"मनुज"

(26)शान्ति सवैया

8तगण+22
कुल वर्ण-26
यति--14-12 वर्ण पर

221 221 221 221 221 221 221 221 22

योगी वही जो करे नित्य व्यायाम सारे, सदा जोश होगा जहाँ योग होगा।
हो भस्त्रिका जोर से श्वास छोड़ो व खींचो,रहो पुष्ट सारे नहीं रोग होगा।
जो देह भारी रहेगी उदासी उबासी, रहे साथ निंदा जहाँ भोग होगा।
पैसे बचेंगे न चिंता रहेगी सही है, उठो ब्रम्ह बेला सही जोग होगा।
-मनोज शुक्ल"मनुज"

(27)मनोज सवैया
    
7तगण+12
कुल वर्ण - 23
यति-11-12 वर्ण पर

221 221 221 221 221 221 221  12

पीड़ा बिना प्रीति होती नहीं है, नहीं लब्ध की सोच हो तो चलना।
रिश्ते हमारे सभी छोड़ देंगे, मिलेगा सदा ताप छोड़ो जलना।
काँटे मिलें फूल भी साथ होंगे, मिले दुःख तो हर्ष ही में ढलना।
हो भाग्यशाली मिला नेह न्यारा, कभी स्वप्न में भी नहीं है छलना।           
- मनोज शुक्ल"मनुज"

(28)अपराजिता सवैया

सात तगण + गुरु लघु
यति  10 एवं 13 वर्ण पर
221 221 221 221 221 221 221 21

पाया सदा रोष धिक्कार ही, किंतु देती रही प्रेम नारी सदैव।
दे जन्म संतान को पालती, है रही मातु कल्याणकारी सदैव।
है रूप ये शक्ति का भक्ति का, कामना प्रीति ही है तुम्हारी सदैव।
पाला सदा सत्य को प्राण में, किंतु अभिशप्त क्यों है बेचारी सदैव।
- मनोज शुक्ल"मनुज"

(29)श्री दुर्गा सवैया

सात तगण + लघु
यति - 16 एवं 6 वर्ण पर
कुल वर्ण - 22

221 221 221 221 221 221 221 1

काली घटा भोर से छा गयी है अँधेरा हुआ, आज तो भू पर।
लोनी लताएँ झुकीं टूटतीं माँगतीं हैं दया, भूमि को छू कर।
आकाश है या धरा दृष्टि में हो गये एक ही,आज भू अंबर।
ये है चमत्कार ही वारिजा का उड़े पंख ले, आज तो भूधर।
-मनोज शुक्ल"मनुज"

(30) अदिति सवैया

8 यगण+21
यति--12-14 वर्ण पर
122 122 122 122 122 122 122 122  21

सवैया सलोने लिखे जा रहे हैं, सजाना इन्हें भाव से सीख जाओ आप।
बनो छंद के व्योम के अंशुमाली, पुरुस्कार जीतो बड़ा नाम पाओ आप।
लिखो श्रेष्ठ तो काल साक्षी बनेगा, लगो श्रव्य में कोकिला नित्य गाओ आप।
कृपा शारदे की सदा दिव्य जानो, व साहित्य में ही रमो श्रेष्ठ आओ आप।
 - मनोज शुक्ल"मनुज"

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रचनाकार परिचय

मनोज शुक्ल 'मनुज'

ईमेल : gola_manuj@yahoo.in

निवास : लखनऊ (उत्तरप्रदेश)

जन्मतिथि- 04 अगस्त, 1971
जन्मस्थान- लखीमपुर-खीरी
शिक्षा- एम० कॉम०, बी०एड
सम्प्रति- लोक सेवक
प्रकाशित कृतियाँ- मैंने जीवन पृष्ठ टटोले, मन शिवाला हो गया (गीत संग्रह)
संपादन- सिसृक्षा (ओ०बी०ओ० समूह की वार्षिकी) व शब्द मञ्जरी(काव्य संकलन)
सम्मान- राज्य कर्मचारी साहित्य संस्थान, उत्तर प्रदेश द्वारा गया प्रसाद शुक्ल 'सनेही' पुरस्कार
नगर पालिका परिषद गोला गोकरन नाथ द्वारा सारस्वत सम्मान
भारत-भूषण स्मृति सारस्वत सम्मान
अंतर्ज्योति सेवा संस्थान द्वारा वाणी पुत्र सम्मान
राष्ट्रकवि वंशीधर शुक्ल स्मारक एवं साहित्यिक प्रकाशन समिति, मन्योरा-खीरी द्वारा राजकवि रामभरोसे लाल पंकज सम्मान
संस्कार भारती गोला गोकरन नाथ द्वारा साहित्य सम्मान
श्री राघव परिवार गोला गोकरन नाथ द्वारा सारस्वत साधना के लिए सम्मान
आगमन साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समूह द्वारा सम्मान
काव्या समूह द्वारा शारदेय रत्न सम्मान
उजास, कानपुर द्वारा सम्मान
यू०पी०एग्री०डिपा०मिनि० एसोसिएशन द्वारा साहित्य सेवा सम्मान व अन्य सम्मान
उड़ान साहित्यिक समूह द्वारा साहित्य रत्न सम्मान
प्रसारण- आकाशवाणी व दूरदर्शन से काव्य पाठ, कवि सम्मेलनों व अन्य साहित्यिक कार्यक्रमों में सहभागिता
निवास- जानकीपुरम विस्तार, लखनऊ (उ०प्र०)
मोबाइल- 6387863251