Ira Web Patrika
अप्रैल-जून 2026 अंक पर आपका हार्दिक अभिनन्दन है। आपकी अमूल्य प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा रहेगी।
सवैया छन्द एवं उनके भेद- मनोज शुक्ल "मनुज"

यह एक वर्णिक छंद है। सवैया गणों पर आधारित होता है। इसमें चार चरण होते हैं। इसमें वर्णिक वृत्तों में 22 से 26 अक्षर के चरण होते हैं। सवैया छंद में चारों चरणों में सम तुकांतता होती है।

घनाक्षरी के भेद-मनोज शुक्ल 'मनुज'

इससे पूर्व अंकों में आप घनाक्षरी के आठ भेदों (मनहरण घनाक्षरी,रूप घनाक्षरी, जनहरण घनाक्षरी, डमरू घनाक्षरी, जलहरण घनाक्षरी, विजया घनाक्षरी,कृपाण घनाक्षरी व हरिहरण घनाक्षरी)के बारे में पढ़ चुके हैं। इस अंक में पढिए शेष चार भेद। 

छन्द के प्रकार- मनोज शुक्ल 'मनुज'

इस कड़ी में पढिए मनोज शुक्ल "मनुज" द्वारा बताए गए घनाक्षरी छन्द के शेष प्रकार। 

घनाक्षरी छन्द एवं उसके प्रकार

मनोज शुक्ल 'मनुज' पुरस्कृत गीतकार हैं। गीतों एवं छंदों पर आपकी पकड़ अत्यंत गहरी है। आप उड़ान नामक संस्था से जुड़कर गुरुकुल चलाते हैं जिसमें छन्द विधा सिखाई जाती है। गुरुकुल द्वारा आप एक मृतप्राय होती विधा को पुनर्जीवित करने का महान कार्य कर रहे हैं।