Ira Web Patrika
फरवरी 2026 अंक पर आपका हार्दिक अभिनन्दन है। यह अंक श्रद्धेय गोविन्द गुलशन की स्मृतिओं को समर्पित है। आपकी अमूल्य प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा रहेगी।
नीलम तोलानी 'नीर' के लघु-उपन्यास 'करवाचौथ' की पहली कड़ी

जैसे एकरस सी चल रही जिंदगी में, अचानक कोई सुखद खबर मिलें, जो जीवन में अद्भुत रंग बिखेर दें। हमारी पहली मुलाकात भी तो यूँ ही हुई थी स्निग्धा! तुम समुद्र किनारे, ढलते सूरज के साथ चूकती रोशनी में, आधी गीली, आधी सुखी अपनी चप्पलों की कैची बना, कंधे पर लटका कर टहल रही थी।