Ira Web Patrika
अप्रैल-जून 2026 अंक पर आपका हार्दिक अभिनन्दन है। आपकी अमूल्य प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा रहेगी।
डॉ० शैलेष गुप्त 'वीर' के हाइकु

मन-पतंग
गुलाबी कल्पनाएँ
लाया वसन्त।

कश्मीरी लाल चावला के हाइकु

खामोश लब
कुछ नहीं बोलते
आँखें कहती

प्रदीप कुमार दाश 'दीपक' के हाइकु

 
बीनो न व्यर्थ 
कंकड़ व पत्थर 
हीरा भीतर।

डाॅ० सुरंगमा यादव के हाइकु

प्रकृति मंच
प्रेम कथा वाचक
बना वसंत।