Ira Web Patrika
अप्रैल-जून 2026 अंक पर आपका हार्दिक अभिनन्दन है। आपकी अमूल्य प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा रहेगी।
अमित पाण्डेय की ग़ज़लें

 
कोई भी काम छोटा या फिर बड़ा नहीं है 
पाना है कुछ तो दिल से दुनिया निकाल पहले 

सपना चंद्रा की काविताएँ

दिन के उजाले से
सारी रश्मियों को
भरकर अपने भीतर
समेटे हुए
वह भूल गई
कि उसे खो जाना है

अनामिका प्रिय की कहानी- नायक

अगर ईश्वर पर भरोसा है तो ठीक है। वैसे किसी व्यक्ति पर एक बार तो भरोसा किया ही जा सकता है और क्या मैं इस काबिल नहीं हूँ।  मुझे तुम्हारे जवाब का इंतजार रहेगा। बहुत परेशान सी हो गयी थी वह। कहा था-  हद है, तुम कुछ नहीं समझते। प्लीज यह सब अब दुबारा मत कहना।

 

डॉ० मीनू अग्रवाल की कविताएं

चेहरे पर उभरी ये नक़्काशी
ही तो करती है बखान 
चरित्र की महिमा का  
और उनके मध्य उठती
स्निग्घ मुस्कान की सरल रेखा
अदा कर रही है शुक्रिया 
प्रकृति की हज़ार नेमतों का भी!!