Ira Web Patrika
अप्रैल-जून 2026 अंक पर आपका हार्दिक अभिनन्दन है। आपकी अमूल्य प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा रहेगी।
नीता अवस्थी की बाल रचनाएँ

होली का त्योहार आ गया,
मगर नहीं वह आए।
घर-परिवार छोड़ कर अपना,
ड्यूटी सदा निभाए।।

कैलाश बाजपेयी के बालगीत

एक  पहेली   सी  लगती  है
धरती जब करतब करती  है
हम बच्चे कुछ समझ न पाते
दादा  जी  हमको  समझाते।

डॉ० नागेश पाण्डेय 'संजय' के बालगीत

ख़ूब लगन से पढ़ोगे तब ही-
अच्छे नम्बर पाओगे, 
अच्छे नम्बर पाकर ही तो
अच्छे छात्र कहाओगे । 
अपनी क़िस्मत को भइया ।
ख़ुद गढ़ने के दिन हैं।