Ira Web Patrika
फरवरी 2026 अंक पर आपका हार्दिक अभिनन्दन है। यह अंक श्रद्धेय गोविन्द गुलशन की स्मृतिओं को समर्पित है। आपकी अमूल्य प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा रहेगी।
स्वतंत्रता की साँस और शिक्षा का प्रकाश- अलका मिश्रा

डॉ.राधाकृष्णन : “सच्चा शिक्षक वही है, जो अपने विद्यार्थियों को अपने मस्तिष्क से नहीं, बल्कि अपने हृदय से शिक्षित करता है।”

जलवायु और युद्ध: मानवता के सामने दोहरी चुनौती- अलका मिश्रा

आज की दुनिया एक ऐसे संकट के मुहाने पर खड़ी है, जहाँ दो सबसे भयावह संकट—जलवायु परिवर्तन और युद्ध—मानव सभ्यता को गहराई से झकझोर रहे हैं। ये दोनों समस्याएँ केवल सीमाओं या देशों की नहीं हैं, बल्कि पूरी मानवता के अस्तित्व से जुड़ी हुई हैं।

आज के दौर में योग की प्रासंगिकता- अलका मिश्रा

आज जब कि विश्व भर में युद्ध, आतंक, अपराध, भुखमरी और आर्थिक मंदी सुरसा जैसा मुँह बाये खड़ी है। ऐसी विकट एवं तनावपूर्ण परिस्थितियों में मानसिक स्वास्थ्य एक वैश्विक चिंता बन चुका है।

शर्मसार मानवता- अलका मिश्रा

“हजारों लड़ाइयों में जीतने से अच्छा है, कोई अपने आप को जीत ले।”