Ira Web Patrika
फरवरी 2026 अंक पर आपका हार्दिक अभिनन्दन है। यह अंक श्रद्धेय गोविन्द गुलशन की स्मृतिओं को समर्पित है। आपकी अमूल्य प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा रहेगी।
हिंदी एक पुल की तरह है- के० पी० अनमोल

कोशिश यह भी करें कि ग्लोबल होती हमारी इंग्लिश-प्रेमी नई पीढ़ी को हिंदी से भी जोड़े रखें। उसे अपनी जड़ों का महत्त्व समझाए रखें। वह जिससे दिल से जुड़ेगी, उसे ही अपनाएगी। कोशिश करें कि हिंदी उसके दिल तक पहुँच सके।

सावन, वर्षा एवं प्रेम- अलका मिश्रा

प्रेम और सावन का संगम प्रेम एवं पुरानी यादों की गहरी भावना को भी जगाता है, क्योंकि भारत में मानसून का मौसम अक्सर प्यार से जोड़कर देखा जाता है। बारिश का मौसम एक ताज़ा, जीवंत वातावरण लेकर आता है, जो नई शुरुआत और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक है। इसीलिए  हिन्दी साहित्य में भी सावन का अलग ही महत्व होता है।

यदि हम अब भी न चेते- मीनाधर पाठक

एक समय था कि घर में एक कूलर होता था और घर के सभी सदस्य उसी एक कमरे में खाते-पीते, सोते-बैठते थे। अब सभी के घर लगभग हर कमरे में एयर कंडीशनर लगा है। सभी घरेलू कार्य मशीनी हो गए हैं इसलिए पानी का खर्च भी अनियंत्रित हो गया है। कई बार तो घरों की छत पर रखी टंकियों से भूल वश या लापरवाही से देर तक मीठा पानी व्यर्थ ही बहता हुआ सीधे गंदी नाली में चला जाता है। हम अपनी इन आदतों पर लगाम तो लगा ही सकते हैं।