Ira Web Patrika
अप्रैल-जून 2026 अंक पर आपका हार्दिक अभिनन्दन है। आपकी अमूल्य प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा रहेगी।
कानपुर का नवजागरण (भाग चार)- पण्डित लक्ष्मीकान्त त्रिपाठी  

16 अगस्त 1905 का दिन कानपुर ने बंगाल के एकीकरण के लिए विशेष रक्षाबंधन के रूप में बड़ी धूमधाम से मनाया। इस प्रकार जन आन्दोलन की पहली किरण कानपुर की भूमि में फूटी। 

कानपुर का नवजागरण (भाग तीन)- पण्डित लक्ष्मीकांत त्रिपाठी

सन् 1900 का कानपुर अकाल से ग्रसित था। बेकारी, भूख और विदेशी शासन से लोग कराह उठे थे। इसी समय प्लेग की महामारी ने कानपुर पर अपना काला घेरा डाला। विप्लव के सभी उपादान उपस्थित थे, फलत: 11 अप्रैल 1900 को कानपुर में ऐतिहासिक प्लेग रायट आरम्भ हो गया।

कानपुर का नवजागरण भाग दो- प० लक्ष्मीकांत त्रिपाठी

कानपुर इतिहास समिति के प्रथम मंत्री पण्डित लक्ष्मीकान्त त्रिपाठी द्वारा कानपुर नवजागरण पर लिखित आलेख जो कि पूर्व में दैनिक जागरण में प्रकाशित हुआ था को हम धारावाहिक के रूप में प्रकाश्त करने जा रहे हैं, इसमें 1857 की क्रांति में कानपुर के योगदान का विस्तृत वर्णन है। यह आलेख हमें इतिहासकार अनूप शुक्ल जी के सौजन्य से प्राप्त हुआ है। 

कानपुर का नवजागरण भाग एक- प० लक्ष्मीकांत त्रिपाठी

कानपुर इतिहास समिति के प्रथम मंत्री पण्डित लक्ष्मीकान्त त्रिपाठी द्वारा कानपुर नवजागरण पर लिखित आलेख जो कि पूर्व में दैनिक जागरण में प्रकाशित हुआ था को हम धारावाहिक के रूप में प्रकाश्त करने जा रहे हैं, इसमें 1857 की क्रांति में कानपुर के योगदान का विस्तृत वर्णन है। यह आलेख हमें इतिहासकार अनूप शुक्ल जी के सौजन्य से प्राप्त हुआ है।