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जनवरी 2026 के अंक पर आपका हार्दिक अभिनन्दन है। आपकी अमूल्य प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा रहेगी।

नववर्ष एवं गणतंत्र दिवस की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ- अलका मिश्रा

नववर्ष एवं गणतंत्र दिवस की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ- अलका मिश्रा

साहित्य समाज का दर्पण ही नहीं, बल्कि संवेदना की वह चेतना है, जो मनुष्य को मनुष्य से जोड़ती है। नववर्ष अपने साथ नवीन ऊर्जा, नवीन स्वप्न और नवीन दृष्टि लेकर आता है, और हम भी इन्हीं मूल्यों के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

नववर्ष केवल समय-चक्र का परिवर्तन मात्र नहीं है, अपितु यह आत्ममंथन, नवचेतना और नवसंकल्प का पावन अवसर भी है। यह मनुष्य को बीते पलों पर दृष्टि डालने के साथ-साथ भविष्य की ओर आशा और विश्वास के दीप प्रज्वलित करने की प्रेरणा देता है।

इसी भावभूमि पर यह साझा करते हुए अत्यंत हर्ष का अनुभव हो रहा है कि जनवरी 2024 में आरंभ हुई हमारी पत्रिका ने अपनी साहित्यिक यात्रा के दो वर्ष सफलता एवं निरंतरता के साथ पूर्ण कर लिए हैं। यह उपलब्धि केवल काल-गणना का परिणाम नहीं, बल्कि उन असंख्य संवेदनाओं, विचारों और सृजनात्मक प्रयासों की साक्षी है, जिन्हें लेखकों ने अपनी लेखनी से स्वर दिया और जिन्हें पाठकों ने हृदय से स्वीकार किया।

इन दो वर्षों में पत्रिका ने साहित्य के विविध रूपों और विधाओं को समेटने का विनम्र प्रयास किया है। प्रत्येक अंक के साथ यह अनुभूति और प्रगाढ़ होती गई कि साहित्य समाज का दर्पण ही नहीं, बल्कि संवेदना की वह चेतना है, जो मनुष्य को मनुष्य से जोड़ती है। नववर्ष अपने साथ नवीन ऊर्जा, नवीन स्वप्न और नवीन दृष्टि लेकर आता है, और हम भी इन्हीं मूल्यों के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

पत्रिका के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर संपादकीय मंडल ने यह निर्णय लिया है कि इसे एक नवीन रूप, नवीन प्रस्तुति और नवीन विचार-धारा के साथ आपके समक्ष प्रस्तुत किया जाए। यह परिवर्तन केवल बाह्य आवरण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि विषय-वस्तु, चयन और दृष्टिकोण में भी एक सृजनात्मक विस्तार का प्रयास होगा। हमें विश्वास है कि यह नया स्वरूप पाठकों के साहित्यिक रुचि-बोध को और अधिक समृद्ध करेगा।

आप सभी पाठकों का निरंतर स्नेह और विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी प्रेरणा है। यही स्नेह हमें नवाचार की ओर अग्रसर करता है और साहित्यिक दायित्वों के निर्वाह हेतु संबल प्रदान करता है। हम आशा करते हैं कि भविष्य में भी आपका मार्गदर्शन और सहयोग इसी प्रकार बना रहेगा।

किन्तु नववर्ष का आरंभ हमारे लिए एक गहन शोक-संदेश लेकर आया। पहली जनवरी की प्रातः ही मेरे पूज्य गुरु, पत्रिका के पथ-प्रदर्शक एवं ख्यातिलब्ध शायर आदरणीय गोविन्द गुलशन जी का देहावसान हो गया। उनका जाना केवल व्यक्तिगत क्षति नहीं, अपितु समूचे साहित्य जगत के लिए एक अपूरणीय रिक्तता है। उनकी लेखनी, उनका चिंतन और उनका सान्निध्य सदैव हमें दिशा प्रदान करता रहेगा।

सम्पूर्ण पत्रिका परिवार की ओर से हम उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं तथा ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि उनकी आत्मा को शांति प्रदान हो। विगत दिनों मन अत्यंत व्याकुल रहा, शब्द मौन साधे हुए थे, परंतु दायित्वों की राह कभी स्थगित नहीं होती। उन्हीं के दिए संस्कारों और शिक्षाओं को हृदय में संजोए, हम इस साहित्यिक यात्रा को आगे बढ़ाने का संकल्प लेते हैं।

आदरणीय गोविन्द गुलशन जी की स्मृति को चिरस्थायी रूप देने के उद्देश्य से पत्रिका का आगामी अंक उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर केंद्रित होगा। इस विशेषांक के माध्यम से हम उनके साहित्यिक अवदान, जीवन-दृष्टि और सृजनात्मक विरासत को पाठकों तक पहुँचाने का विनम्र प्रयास करेंगे, जिससे आने वाली पीढ़ियाँ भी उनके विचारों से प्रेरणा प्राप्त कर सकें।

हमें पूर्ण विश्वास है कि आपका स्नेह, समर्थन और सहभागिता भविष्य में भी हमारी इस साहित्य-साधना को ऊर्जा प्रदान करती रहेगी।

1 Total Review

वसंत जमशेदपुरी

27 January 2026

सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता संपादकीय, हार्दिक बधाई गोविंद गुलशन जी को विनम्र श्रद्धांजलि

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रचनाकार परिचय

अलका मिश्रा

ईमेल : alkaarjit27@gmail.com

निवास : कानपुर (उत्तर प्रदेश)

जन्मतिथि-27 जुलाई 1970 
जन्मस्थान-कानपुर (उ० प्र०)
शिक्षा- एम० ए०, एम० फिल० (मनोविज्ञान) तथा विशेष शिक्षा में डिप्लोमा।
सम्प्रति- प्रकाशक ( इरा पब्लिशर्स), काउंसलर एवं कंसलटेंट (संकल्प स्पेशल स्कूल), स्वतंत्र लेखन तथा समाज सेवा
विशेष- सचिव, ख़्वाहिश फ़ाउण्डेशन 
लेखन विधा- ग़ज़ल, नज़्म, गीत, दोहा, क्षणिका, आलेख 
प्रकाशन- बला है इश्क़ (ग़ज़ल संग्रह) प्रकाशित
101 महिला ग़ज़लकार, हाइकू व्योम (समवेत संकलन), 'बिन्दु में सिन्धु' (समवेत क्षणिका संकलन), आधुनिक दोहे, कानपुर के कवि (समवेत संकलन) के अलावा देश भर की विभिन्न साहित्यिक पत्र-पत्रिकाओं यथा- अभिनव प्रयास, अनन्तिम, गीत गुंजन, अर्बाबे कलाम, इमकान आदि में रचनाएँ प्रकाशित।
रेख़्ता, कविता कोष के अलावा अन्य कई प्रतिष्ठित वेब पत्रिकाओं हस्ताक्षर, पुरवाई, अनुभूति आदि में रचनाएँ प्रकाशित।
सम्पादन- हिज्र-ओ-विसाल (साझा शेरी मजमुआ), इरा मासिक वेब पत्रिका 
प्रसारण/काव्य-पाठ- डी डी उत्तर प्रदेश, के टी वी, न्यूज 18 आदि टी वी चैनलों पर काव्य-पाठ। रेखता सहित देश के प्रतिष्ठित काव्य मंचों पर काव्य-पाठ। 
सम्मान-
साहित्य संगम (साहित्यिक सामाजिक एवं सांस्कृतिक) संस्था तिरोड़ी, बालाघाट मध्य प्रदेश द्वारा साहित्य शशि सम्मान, 2014 
विकासिका (साहित्यिक सामजिक एवं सांस्कृतिक) संस्था कानपुर द्वारा ग़ज़ल को सम्मान, 2014
संत रविदास सेवा समिति, अर्मापुर एस्टेट द्वारा संत रवि दास रत्न, 2015
अजय कपूर फैंस एसोसिएशन द्वारा कविवर सुमन दुबे 2015
काव्यायन साहित्यिक संस्था द्वारा सम्मानित, 2015
तेजस्विनी सम्मान, आगमन साहित्य संस्था, दिल्ली, 2015
अदब की महफ़िल द्वारा महिला दिवस पर सम्मानित, इंदौर, 2018, 2019 एवं 2020
उड़ान साहित्यिक संस्था द्वारा 2018, 2019, 2021 एवं 2023 में सम्मानित
संपर्क- एच-2/39, कृष्णापुरम
कानपुर-208007 (उत्तर प्रदेश) 
 
मोबाइल- 8574722458