Ira Web Patrika
फरवरी 2026 अंक पर आपका हार्दिक अभिनन्दन है। यह अंक श्रद्धेय गोविन्द गुलशन की स्मृतिओं को समर्पित है। आपकी अमूल्य प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा रहेगी।

मनवीन कौर पाहवा के माहिए

मनवीन कौर पाहवा के माहिए

कुछ ऐसा कर जाएँ
रिमझिम बूँदें बन
सब के हिय को भाएँ

सावन फिर आया है
रिमझिम बूँदों ने
संगीत सुनाया है



अमृत बरसाया है 

सौंधी ख़ुशबू से
आँगन हरसाया है

 

सावन की ऋतु आई
रिमझिम हैं बूँदें
हरियाली है छायी



आनंदित सीप हुई
मोती चमक रहा
स्वाति की बूँद गिरी

 

ईश गुण गाने लगीं
बूँदों की छम-छम
कलियाँ हर्षाने लगीं



शीतल हो पवन चली
चिड़िया चहक रही
रुनझुन की झड़ी लगी

 

खेतों में हल चलते
कृषक का मन हर्षा
जब मेघा छ्म बरसे



बूँदें बरसी छम-छम
बगिया महक उठी
प्रफुल्लित हुआ हर मन



कुछ ऐसा कर जाएँ
रिमझिम बूँदें बन
सब के हिय को भाएँ

 

छायी हरियाली है
प्रभु की कृपा भी
बहुत ही निराली है

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रचनाकार परिचय

मनवीन कौर पाहवा

ईमेल : manveenkaurjp@gmail.com

निवास : औरंगाबाद (महाराष्ट्र)

जन्मतिथि- 1 फरवरी 1960
शिक्षा- एम० ए०, बी० एड
संप्रति- अध्यापन (सेवानिवृत)
विशेष- अध्यक्ष, अंतर्राष्ट्रिय महिला काव्य मंच, औरंगाबाद (महाराष्ट्र)
प्रकाशन- 'तरुवर', 'शाख़ के पत्ते' व 'रंगोली' (काव्य संग्रह), ‘कृति' (लघुकथा संकलन), 'यादों की पिटारी' (यात्रा संस्मरण) प्रकाशित।
पुरवाई, लोकमत, सत्य शोधक, पंजाब सौरभ, हस्ताक्षर, कहाँ न पहुँचे कवि, साहित्य सागर आदि पत्र-पत्रिकाओं व साँझा संकलनों में कविता, लघुकथा, कहानी आदि का प्रकाशन।
प्रसारण- आल इंडिया रेडियो से साक्षात्कार एवं कविताओं का प्रसारण।
सम्मान/पुरस्कार- कलम की खनक साहित्य सृजन द्वारा लघुकथा व बालगीत के लिए 'उत्कृष्ट सृजन' पुरस्कार। 'श्री काव्य कनक साहित्य सम्मान'। शब्द सृजन संस्थान द्वारा 'अन्तरराष्ट्रीय शब्द सृजन सम्मान।
निवास- औरंगाबाद (संभाजी नगर) महाराष्ट्र
मोबाइल- 8600027018