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फरवरी 2026 अंक पर आपका हार्दिक अभिनन्दन है। यह अंक श्रद्धेय गोविन्द गुलशन की स्मृतिओं को समर्पित है। आपकी अमूल्य प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा रहेगी।

डॉ० संगीता गाँधी के हाइकु

डॉ० संगीता गाँधी के हाइकु

लक्ष्य पथ पे
सुकर्म पाथेय हो
राह मिलेगी।

जीवन यात्री
संसार है सागर
हौसला नाव।



लक्ष्य पथ पे
सुकर्म पाथेय हो
राह मिलेगी।

 


ऊँचा भवन
प्रेम रिक्त संबंध
केवल दर्प।



मन में क्षोभ
वेदना घनघोर
मृत्यु का ग्रास।

 


झुग्गी जीवन
निर्धनता शाश्वत
नित्य अभाव।

 


वर्षा फुहार
तपन हुई कम
मन उमंग।

 


कोयल कूके
प्रकृति पल्लवित
मृदु बसंत।

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रचनाकार परिचय

संगीता गाँधी

ईमेल : gandhisangita1769@gmail.com

निवास : दिल्ली

संप्रति- अध्यापन एवं लेखन
शिक्षा- बी०ए० (ऑनर्स), एम०ए० (हिंदी), एम० फिल, पीएच डी०
शोध कार्य- 'पाली- संवेदना और शिल्प' एवं 'अमृतलाल नागर जी के उपन्यासों में सांस्कृतिक बोध'
प्रकाशन- विभिन्न संकलनों तथा पत्र-पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित।
सम्मान- अविराम साहित्यिकी पत्रिका द्वारा आयोजित स्वर्ण जयंती लघुकथा प्रतियोगिता में लघुकथा सामयिक संरक्षण पुरस्कृत।
'तेरी-मेरी कहानी' यूट्यूब चैनल द्वारा आयोजित लघु कहानी प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार।
वनिका प्रकाशन व लघुकथा गागर में सागर की ओर से 'लघुकथा लहरी सम्मान' से सम्मानित।
साहित्य सागर व सत्यम प्रकाशन की ओर से 'काव्य गौरव' व 'काव्य सागर' सम्मान से सम्मानित।