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विनय विक्रम सिंह की लघुकथाएँ

विनय विक्रम सिंह की लघुकथाएँ

आज चूल्हे ने पाँच पनेथी ही दी थीं।  चूड़ियों ने दो पनेथी बड़ी थाली में डाल दीं, और एक-एक तीनों छोटी थालियों में। 

 ख़ाली कप       
 
आज ठण्ड ज़्यादा थी, उसे चाय की तीन बार रीफिल मिल चुकी थी। नियमानुसार, यह चौथी और आख़िरी थी। 
उसके इर्द-गिर्द लिपटे, उन झुर्री भरे हाथों की कँपकँपाहट, उसमें भी झुरझुरी भर रही थी। किन्तु वह पीने वाले की सन्तुष्टि में इतना मग्न था कि, हर चुस्की में, वह स्वयं का चुकते जाना महसूस ही नहीं कर पा रहा था।
चाय के कप का, हर सिप के साथ, सतह से तल तक का सफ़र, आज कुछ ज़्यादा ही धीमा था। वो उन लम्बी सुरसुराती चुस्कियों के बीच में, एक लम्बे अंतराल, एक गहरे उद्वेलित मौन को, और भी अधिक महसूस कर रहा था। 
वह सोच ही रहा था कि, अचानक उसे फेंक दिया गया था। तलछट पर बची, ठण्डी चाय से नहाया कप, चीकट डस्ट बिन में पहुँच गया था।
वृद्धाश्रम में परिचितों से मुलाकात के समय-समाप्ति की घण्टी बज चुकी थी।
       
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गाय की टिकरी           
 
शाम ढल चुकी थी। शहर की सड़क के किनारे, फुटपाथ पर, एक चूल्हा चटर-पटर कर रहा था। तवा पनेथी को उलट-पलट कर सेंक रहा था। चूड़ियाँ पनेथी की लोई में अपनी खनक भर रहीं थीं।
एल्युमिनियम की टेढ़ी-मेढ़ी, पाँच थालियों में कुलबुलाहट मची हुई थी।
आज चूल्हे ने पाँच पनेथी ही दी थीं।  चूड़ियों ने दो पनेथी बड़ी थाली में डाल दीं, और एक-एक तीनों छोटी थालियों में। 
पाँचवी थाली, कुलबुलाती हुई, चूल्हे के पास पड़ी, गाय की टिकरी देख रही थी।
 
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गाय की टिकरी- गाय के लिए निकाली जाने वाली रोटी,जो बाकी रोटियों से आकार में थोड़ी छोटी होती है।

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रचनाकार परिचय

विनय विक्रम सिंह

ईमेल :

निवास : नोयडा(उत्तर प्रदेश)

उपनाम-  मनकही 
जन्मतिथि-  22 अक्टूबर, 75
शिक्षा- कला एवं शिल्प महाविद्यालय, लखनऊ से स्नातक
मूल निवास-लालगंज, रायबरेली
गृह स्थान- लखनऊ
संप्रति- चीफ क्रिएटिव ऑफिसर (CCO) एनीमेशन,आर्ट व गेम डिज़ाइन
भाषा- हिन्दी, अंग्रेजी, अवधी, मराठी
लेखन विधा- छंदाधारित कविता/गीत, कहानी/लघुकथा
विशेष- भारत के एनिमेशन के पितामह पद्म श्री स्व. राम मोहन के साथ कई एनिमेशन फिल्म्स का दिग्दर्शन और क्रियान्वयन।

यूनिसेफ की मीना और मिट्ठू सीरीज़ का एनिमेशन (भारत के लिये), सारा की एनिमेशन सीरीज (अफ्रीका के लिये), इसके अतिरिक्त 100 से भी अधिक अंतरराष्ट्रीय एनिमेशन धारावाहिकों का एनिमेशन और निर्देशन, स्क्रिप्ट और क्रियान्वयन।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका, जापान और फ्रांस आदि देशों में game development के कई projects का क्रियान्वयन।

आर्ट्स कॉलेज, लखनऊ, जामिया मिलिया, दिल्ली, aaft नोयडा, एमिटी यूनिवर्सिटी,, नोयडा, एमिटी यूनिवर्सिटी, लखनऊ आदि में एनिमेशन और कॉन्सेप्ट क्रिएशन पर कई वर्कशॉप।

सम्मान-
कलाक्षेत्र में- अंतरराष्ट्रीय ख्यात Cannes Lions, ICAD, LOERIES Durban, EPICA पुरस्कार सहित 40 से भी अधिक वैश्विक व राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित।

साहित्य क्षेत्र में- अवधी के प्रसार व उत्कर्ष हेतु विष्णु प्रभाकर साहित्य सम्मान २०२४, बद्री प्रसाद स्मृति तुलसी सम्मान २०२१, डॉ कैलाश देवी सिंह सम्मान २०२०, अवधी भाषा-भूषण, अवधी गौरव व छान्दस सृजन में, छंद श्री, काव्य रत्न, छंद हीरक, काव्य स्यन्दन सम्मान २०२४, भामाशाह दोहा कृति सम्मान, सवैया रत्न सम्मान, इंद्रप्रस्थ सम्मान, शब्दश्री सम्मान, पद्मश्री डॉ विष्णु श्रीधर वाकणकर सम्मान, प्रज्ञा गौरव सम्मान, साहित्य सेवी, साहित्य पुरोधा सम्मान, तुलसी अवधी रत्न सम्मान २०२४ व कई अन्य सम्मानों से साहित्यिक संस्थाओं द्वारा सम्मानित।

संस्थापक- बैसवाड़ा अवधी संस्थान (अवधी के प्रचार - प्रसार को समर्पित संस्था)