Ira Web Patrika
फरवरी 2026 अंक पर आपका हार्दिक अभिनन्दन है। यह अंक श्रद्धेय गोविन्द गुलशन की स्मृतिओं को समर्पित है। आपकी अमूल्य प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा रहेगी।

शिव डोयले की क्षणिकाएँ

शिव डोयले की क्षणिकाएँ

हम प्लेटफार्म बने
खड़े रहे,
और समय
रूमाल हिलाता
गुज़र गया।
 

जब से उसे
बड़ा पद मिला है,
कुर्सी पर बैठकर 
फैलने की कोशिश 
करने लगा है। 



हम प्लेटफार्म बने
खड़े रहे,
और समय
रूमाल हिलाता
गुज़र गया।



तुमने काग़ज़ पर
प्रेम लिखा,
मैं टटोलने लगा
अपने आप को।



उसने सम्बन्धों को
इस तरह भुला दिया,
जैसे यात्रा के दौरान 
नदी में एक
सिक्का डाल दिया। 



कल तक काग़ज़ पर
बनाती रही
फूल, पत्ती, तितली 
आज चुपके-चुपके
पेड़ों पर
लिखती है मेरा नाम।



वक़्त के सिरहाने
रख आया था
कुछ हसीन ख़्याल,
ख़ुदा जाने
कौन चुरा ले गया।



तुमने जब-जब भी
याद किया होगा
बीते दिनों के लम्हे,
बादल बनकर
आँखों में
उतर तो आये होंगे।



आँसुओं की बरसात
हँसी के सैलाब,
समेट रखें हैं
ज़िन्दगी की झोली मेंं
इतने से ख़्वाब।  
 

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रचनाकार परिचय

शिव डोयले

ईमेल :

निवास : विदिशा (मध्य प्रदेश)

नाम- शिव डोयले
जन्मतिथि- 26 मार्च 1949
जन्मस्थान- नरसिंहगढ़ (म.प्र.)
शिक्षा- स्नातक
संप्रति- शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त,
लेखनविधा- कविता, गीत, ग़ज़ल, हाइकु, लघुकथा, व्यंग्य (गद्य/पद्य)आदि
प्रकाशन- अनेक पत्र पत्रिकाओं एवं काव्य संकलनों में
प्रकाशित कृति- जैसा मैंने देखा (क्षणिकाएँ), मुट्ठी भर धूप (लघुकथा), चाँद हथेली पर (काव्य संग्रह)
हाइकु तथा मुक्तक संग्रह प्रकाशनाधीन ।
संपादन- अनियतकालीन हस्तलिखित पत्रिका ।
सम्मान- चौबीस पच्चीस साहित्यिक सामाजिक संस्थाओं द्वारा ।
प्रसारण- आकाशवाणी, दूरदर्शन से तथा लघु नाटिकाओं का
पता- झूलेलाल कॉलोनी, हरिपुरा विदिशा 464 001(म.प्र.)
मोबाइल- 09685444352