Ira Web Patrika
फरवरी 2026 अंक पर आपका हार्दिक अभिनन्दन है। यह अंक श्रद्धेय गोविन्द गुलशन की स्मृतिओं को समर्पित है। आपकी अमूल्य प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा रहेगी।

डॉ० परमेश्वर गोयल की क्षणिकाएँ

डॉ० परमेश्वर गोयल की क्षणिकाएँ

प्रतिष्ठा बहू की 
दहेज से जुड़ी है,
वह अच्छी है 
या बुरी 
किसको पड़ी है। 

दुःख के काँटों में 
फूल सुख के 
सदैव खिलते हैं, 
उदाहरण 
एक नहीं 
हज़ारों मिलते हैं।


प्रतिष्ठा बहू की 
दहेज से जुड़ी है,
वह अच्छी है 
या बुरी 
किसको पड़ी है। 
 
 
भेड़िया/भेड़ की 
बोली बोलता है,
चुनाव सबकी 
पोल खोलता है। 
 
 
ऐसी व्यवस्था में 
हम जी रहे हैं, 
दूध बेचकर 
चाय पी रहे हैं।
 
 
पच्चीस बाँटा
पचहत्तर खा गये,
हिस्सा अपना-अपना 
कुर्सी वाले पा गये।

 
नौका नौनिहाल की
धारा के बीच है, 
शिक्षा के प्रांगण में 
कीच ही कीच है।
 

दनदनाती/धूल उड़ातीं 
गाड़ियाँ आयी हैं,
चुनाव ने गाड़ियाँ 
गाँव को दिखायी हैं।

 
जनता बेजुबान 
व्यवस्थापक बहरे हैं, 
सीता की सुरक्षा हेतु 
रावणी पहरे हैं। 

0 Total Review

Leave Your Review Here

रचनाकार परिचय

परमेश्वर गोयल

ईमेल :

निवास : पूर्णिया (बिहार)

जन्मतिथि- 27 नवंबर, 1934
जन्मस्थान- राजस्थान
प्रकाशन- गद्य एवं पद्य में 28 से अधिक पुस्तकें प्रकाशित
विशेष- कविताओं पर अनेक शोधकार्य किये जा चुके हैं
सम्पर्क- गुलाब बाग़, पूर्णिया (बिहार)- 854326
मोबाइल- 9304288721