Ira Web Patrika
फरवरी 2026 अंक पर आपका हार्दिक अभिनन्दन है। यह अंक श्रद्धेय गोविन्द गुलशन की स्मृतिओं को समर्पित है। आपकी अमूल्य प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा रहेगी।

अलंकार आच्छा के हाइकु

अलंकार आच्छा के हाइकु

तटों में बल
हद में रहता है
नदी का जल!

पद की दौड़
उठाने को पादुका
मची है होड़!

 

होम हो गये
क्रोध की वेदी पर
रिश्ते-समिधा!

 

फ़ोन ख़राब
खुलकर बातें की
एक-दूजे ने!

 

गटक गये
बरसों के मसले
चाय के प्याले!

 

तुम्हारी यादें
साँसों का समन्दर
मेरे अन्दर!

 

सोया कुम्हार
चाक पर ही ख़त्म
क़िस्सा घड़े का!

 

फोन डिस्चार्ज
अरसे बाद मिला
खोया हुआ मैं!



तटों में बल
हद में रहता है
नदी का जल!



ठिठके मेघ
सुन वृक्षों की गप्प
तर गयी भू!

 

सूरज गुम
चिंता में कम हुई
दिन की उम्र!

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रचनाकार परिचय

अलंकार आच्छा

ईमेल : alankar.dev@gmail.com

निवास : चेन्नई (तमिलनाडु)

जन्मतिथि- 31 अक्टूबर 1979
जन्म स्थान- बड़ाखेड़ा (ब्यावर, राजस्थान)
शिक्षा- स्नातक
लेखन विधा- हाइकु, ग़ज़ल, छन्दमुक्त रचनाएँ आदि।
प्रकाशन- अनेक साझा संकलन, पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएँ प्रकाशित।
सम्मान/पुरस्कार- सरस्वती सम्मान, काव्य कौस्तुभ सम्मान।
संप्रति- लेखन, पठन-पाठन एवं व्यवसायरत।
संपर्क
द्वारा- देव सिल्वर
128, एनएससी बोस रोड,
गोल्डेन काम्पलैक्स, शॉप नम्बर-8
ग्राउन्ड फ्लोर, शोकार्पेट, चेन्नई-79 (तमिलनाडु)
मोबाइल- 9884837012