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मनोज कर्ण की लघुकथाएँ

मनोज कर्ण की लघुकथाएँ

डगमगाती हुई नाव में भी कुल सोलह लोग सवार हो गए, क्षमता से दो गुना।
उफनती हुई नदी मे नाव के उतरते ही नाव सवार को केवल दो ही चीज दिखाई दे रही थी,सामने मौत और उस के पार बारात घर।

एक- बँटवारा ईश्वर का

डगमगाती हुई नाव में भी कुल सोलह लोग सवार हो गए, क्षमता से दो गुना।
उफनती हुई नदी मे नाव के उतरते ही नाव सवार को केवल दो ही चीज दिखाई दे रही थी,सामने मौत और उस के पार बारात घर।

नदी के दोनो ओर के विजातीय लड़के- लड़की की शादी दोनो गाँव के समाज के विरूद्ध तय कर लेना असहज सा था। इसलिये बारात मे केवल वही लोग जाने को राजी हुए थे जिन्हें समाज भगवान मानता था या वो लोग जो केवल भगवान भरोसे जीते थे।
जय सिया राम! वाहे गुरू! ओ माय गॉड! या अल्लाह ! के जयघोष के साथ नाव किनारे आ लगी।
“या अल्लाह !
तूने आज हमारी लाज रख ली!”
“अरे मुल्ला जी वाहे गुरू को सुमिरो,रब तेरा लख लख शुक्रिया !”
“सुनो हम ने बजरंगवली का नाम लिया और सभी पार उतर गए!”
“पीटर अपने गले मे टँगे क्रॉस को चूमता रहा!”
"अब सभी लहु लुहान रेत पर पड़े थे,उफनती नदी शान्त थी।

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दो- नई दिशा

“कुणाल… भाग मत रे बाबू!
“ना...ना चाचा, मैं दूसरे लड़कों के लिए लिये लेजा रहा हूँ। मैं गुटखा, सिगरेट कुछ भी नही छूता हूँ।”
“अरे बाबू ! डरने की कोई बात नही है… ये सब छोड़कर पढ़ाई- लिखाई पर ध्यान दो।आगे बड़ा आदमी बनने को सोच।
“चाचा जी,छोड़ो भी ये सब बातें! पढ़ लिख कर भी तो बापू के तरह मैला साफ सफाई ही करनी है।फिर पढ़ाई लिखाई में काहे को समय, दिमाग खपाऊँ ?”
“सुन बबुआ....आने वाले समय में ये सब मैला, कचरा की सफाई भी मशीन से ही हुआ करेगी।और मशीन चलाने के लिये पढ़े लिखे लोग ही भर्ती किये जायेंगे।
“जी चाच जी ये लो ...! अब सिगरेट गुटखा नही, कॉपी कलम खरीद कर लाऊंगा,आप पढाना।”
“बेटा, मैं तो अनपढ़ हूँ, इसलिये चाहता हूँ कि नई पीढ़़ी मैला नही, देश का भार ढोये!”

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रचनाकार परिचय

मनोज कर्ण

ईमेल :

निवास : फ़रीदाबाद (हरियाणा)

मूलनाम- मनोज कर्ण
उपनाम- मुन्ना जी ( इस नाम से करीब 35 वर्षों से मैथिली मे बीहनि कथा लेखन)
जन्मतिथि-27 जनवरी 1971पूर्णियां (बिहार)
शिक्षा- स्नातक प्रतिष्ठा,मैथिली साहित्य (मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा ,बिहार)
सम्प्रति- अभिकर्ता, भारतीय जीवन बीमा निगम नई दिल्ली।
प्रकाशित पुस्तकें-
प्रतीक- मैथिली बीहनि कथा संग्रह(2012)
मांझ आंगन मे कतिएल छी- गजल संग्रह (2013)
मोकाम दिस- मैथिली बीहनि कथा संग्रह(2021)
सम्पर्क- फ्लैट सं-289/7 सूर्याविहार -3
सैक्टर-91,फरीदाबाद ( हरियाणा)
मोबाइल- 9958396353