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लिम्बू : कला, साहित्य (भाग तीन)डॉ० शोभा लिम्बू यल्मो

लिम्बू :  कला, साहित्य (भाग तीन)डॉ० शोभा लिम्बू  यल्मो

लिम्बू  चित्रकारिता में  उनके सभ्यता और संस्कृति की छाप स्पष्ट रुप से परिलक्षित होती है। वे अपनी भाषा, संस्कृति और परंपराओं के कितने धनी है। 

 
चित्रकला 
 
लिम्बू  चित्रकारिता में  उनके सभ्यता और संस्कृति की छाप स्पष्ट रुप से परिलक्षित होती है। वे अपनी भाषा, संस्कृति और परंपराओं के कितने धनी है उनकी चित्रकारिता से पता चलता है और यहीं उनका  प्रामाणिक दस्तावेज है।

लागेप चित्रकला- लिम्बू समुदाय में विशेषकर अपने दैनिक जीवन के क्रियाकलाप के अंतर्गत इस चित्र को अपने घरों के दिवारों और दरवाजों पर विविध रंगों से आंकते है। इस चित्र में चंद्रमा के विविध रुपों को दर्शाया जाता है। यह 'लागेप'  चंद्रमा का प्रतीक भी है। यह प्रतीक विशेष रूप से सौभाग्य और उत्साह के लिए आंका जाता है। 

खेसे (तारा)
-  यह  'खेसे' विशेष कर  लिम्बू  समुदाय में लोक विश्वास है कि इसे  टंगाने से शुभ होता है।  इसे तीन रंगों के धागों से बुनकर घर के दिवारों और दरवाजे पर टंगाया जाता है या इसे चित्रकला के रुप में भी प्रयोग किया जाता है। 

सिलाम साक्मा-
              सि > मृत्यु 
              लाम > रास्ता 
              साक्मा > रोकना / छेक्ना
'सिलाम साक्मा' का प्रयोग किसी भी प्रकार के प्रकृति प्रकोप, दुष्ट आत्मा, महामारी,  रोग, बुरी नजर आदि नकारात्मक प्रभाव से घर परिवार, गाँव-घर  की रक्षा के लिए इसका प्रयोग करते है। यह लोक विश्वास है। 
यह 'सिलाम साक्मा' मुन्धुम आधारित धार्मिक अनुष्ठान में और  अपनी जातीय पहचान के रूप में भी व्यवहार करते है। 
 
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रचनाकार परिचय

शोभा लिम्बू यल्मो

ईमेल : sovalimbooyolmo@gmail.com

निवास : कालिम्पोंग(पश्चिम बंगाल)

नाम- डॉ० शोभा लिम्बू यल्मो
जन्मतिथि- 01 जुलाई, 1967
जन्मस्थान- दुर्गापुर, पश्चिम बंगाल,
शिक्षा- एम.ए., पीएचडी.,
संप्रति- एशोसिएट प्रोफेसर, हिंदी विभाग (विभागाध्यक्ष), कालिम्पोंग कालेज , कालिम्पोंग, पश्चिम बंगाल
प्रकाशित कृति-
क. लिम्बू भाषा का स्वरुप विकास (विचार प्रकाशन, सिक्किम,2008)
ख. ‌‌'समकालीन चर्चित नेपाली कहानियां '( सूत्रधार प्रकाशन, कोलकाता (2016)
ग. 'प्रसाद की कहानियों का शास्त्रीय अध्ययन '(आनंद प्रकाशन, कोलकाता 2020)
घ. 'याक्थुंग मुक खेदा ' लिम्बू लोक-कथा हिंदी में (बुकांट पब्लिकेशन, सालबारी, सिलिगुड़ी 2023)
ड़. 'कैमेलिया '(कहानी संग्रह), अनंग प्रकाशन, नई दिल्ली।

आलेख, कहानी, कविता, साक्षात्कार एवं समीक्षात्मक लेख प्रकाशित विविध राष्ट्रीय पत्रिकाओं में:
१. समकालीन भारतीय साहित्य, साहित्य अकादमी दिल्ली,
२. युद्धरत आम आदमी पत्रिका,नई दिल्ली,
३. 'भाषा' पत्रिका, मानव संसाधन विकास मंत्रालय,नई दिल्ली।
एवं अन्य नेपाली एवं लिम्बू भाषा साहित्य पत्रिकाओं में... ।

विशेष- अध्यक्ष: दार्जिलिंग हिंदी भाषा मंच कालिम्पोंग, पश्चिम बंगाल।
सम्मान-
1- वीरांगना सावित्री बाई फुले राष्ट्रीय पुरस्कार 2016 (भारतीय साहित्य अकादमी, नई दिल्ली)
2- अंतरराष्ट्रीय तथागत विशिष्ट सम्मान 2019 (इटवा सिद्धार्थ नगर, उतर प्रदेश)
सम्पर्क- ठेगाना- ' यल्मो अयन,'
डॉ० बी.एल. दीक्षित रोड, कालिम्पोंग-734301