Ira Web Patrika
फरवरी 2026 अंक पर आपका हार्दिक अभिनन्दन है। यह अंक श्रद्धेय गोविन्द गुलशन की स्मृतिओं को समर्पित है। आपकी अमूल्य प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा रहेगी।

गंगा पांडेय 'भावुक' के हाइकु

गंगा पांडेय 'भावुक' के हाइकु

लँगड़ी आँधी 
छत टीन ले उडी 
जैसे पतंग।

अहं कारण 
परिवार में रण 
टूटा दर्पण।
 
 
लँगड़ी आँधी 
छत टीन ले उडी 
जैसे पतंग।
 
 
उदास पिता 
अतिथि के आते ही 
खुल के हँसा।
 
 
बेटा विदेश 
न चिठ्ठी न संदेश 
आत्ममुग्धता।
 
 
आया बसंत 
नग्न तरु को मिला 
हरा वसन।
 
 
दंगों के बाद 
घायल शहर में 
बँटते वादे।
 
 
आम के संग 
मानव भी बौराया 
फाग जो आया।
 
 
हैं हम एक 
सिर्फ़ नारों का सच 
दिवा सपन।
 
 
अपने तट 
निगलती नदियाँ
यही दुनिया।
 
 
मानव गिद्ध 
रो रही मानवता 
पड़ोसी देश।।
 
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रचनाकार परिचय

गंगा प्रसाद पाण्डेय 'भावुक'

ईमेल :

निवास : प्रतापगढ़ (उत्तर प्रदेश) 

जन्मतिथि- 29 अकटूबर, 1959
सम्पर्क- ग्राम- शिव नगर भंगवा
जिला- प्रतापगढ़ (उ. प्र.) 
पिन कोड- 230001
मोबाइल- 9335879240