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चक्रधर शुक्ल के हाइकु

चक्रधर शुक्ल के हाइकु

हिन्दी काव्य के समकालीन परिदृश्य में चक्रधर शुक्ल का नाम महत्त्वपूर्ण है। बाल कविता, क्षणिका काव्य और व्यंग्य उनके लेखन के प्रमुख आयाम हैं। यद्यपि उन्होंने हाइकु विधा में भी पर्याप्त लेखन कार्य किया है। उनके हाइकु उनकी रचनाधर्मिता के विशिष्ट उदाहरण हैं। इन हाइकुओं में उन्होंने जीवन के विभिन्न क्षेत्रों और भावनाओं को प्रस्तुत किया है। शुक्ल जी के हाइकु संक्षिप्त और प्रभावशाली हैं। उन्होंने अपने विचारों को प्रभावी अभिव्यक्ति प्रदान की है। उनके हाइकुओं में प्रकृति का सुन्दर वर्णन है, जैसे कि नदी का पानी, तितलियों का फूलों को परखना और मौसम की क्रूरता आदि। शुक्ल जी के हाइकुओं में मानव जीवन की विसंगतियों का अंकन है। साथ ही उनके हाइकुओं में भावनात्मक अभिव्यक्ति है, जैसे कि आँखों में पीर, मन अधीर, और तितली का डरना आदि। वे हाइकु को अधिक प्रभावी बनाने के लिए संकेतात्मक भाषा का उपयोग प्रभावी विधि से करते हैं। जैसे कि 'नदी का पानी/ गाँव में चढ़ आया/ सन्नाटा छाया' में नदी का पानी सामाजिक समस्याओं का प्रतीक है। वरिष्ठ रचनाधर्मी श्री चक्रधर शुक्ल के हाइकु शिल्प के साथ न्याय करते हैं और सौंदर्यबोध की आभा से युक्त हैं।

- डॉ. शैलेष गुप्त 'वीर

नदी का पानी
गाँव में चढ़ आया
सन्नाटा छाया।

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तितलियों ने
फूलों को परखा है
बड़ी चर्चा है।

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प्रलोभन में
छला जाता मानव
लोभ दानव।

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आँखों में पीर
उमड़ी संवेदना
मन अधीर।

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तितली डरी
छेड़छाड़ भौंरों की
बागों में बढ़ी।

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स्वार्थी लोग ही
धीरे-धीरे खिसके
सगे किसके।

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मौसम क्रूर
हवा उड़ा ले गयी
मेघों को दूर।

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बातें बनाएँ
फल खाने वाले ही
पेड़ गिराएँ।

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वसंत जमशेदपुरी

03 February 2026

अच्छे हाइकू

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रचनाकार परिचय

चक्रधर शुक्ल

ईमेल : chakradharshukl78@gmail.com

निवास : कानपुर (उ. प्र.)

जन्मतिथि- 18 जनवरी, 1957 
जन्मस्थान- खजुहा, जिला- फतेहपुर (उ. प्र.) 
पिता- पं. कृष्ण दत्त शुक्ल
माता- श्रीमती सावित्री देवी शुक्ला
पत्नी- श्रीमती दीपा शुक्ला
शिक्षा- बी.एस-सी., एम.ए. (अर्थशास्त्र)
प्रकाशन- अँगूठा दिखाते समीकरण (क्षणिका -संग्रह) 2015, दादी की प्यारी गौरैया (बाल कविता संग्रह) 2018, हास्य-व्यंग्य सरताज : चक्रधर शुक्ल 2019
सम्पादन- 'सुगंध-ज्योति से हवन के बीच' का संपादन', 'आईने रूठे हुए' (डॉ. सुरेश अवस्थी जी का व्यंग्य संकलन), 'कुछ उपमेय : कुछ उपमान', 'पत्रकारिता प्रदीप- प्रताप' तथा 'प्रार्थना में' का सहसम्पादन। समकालीन सांस्कृतिक प्रस्ताव पत्रिका के बाल विशेषांक का अतिथि सम्पादन। 'चाँई-माँई खेलो' (बाल कविता संकलन) में सम्पादन सहयोग।
प्रसारण- दूरदर्शन एवं आकाशवाणी से।
अन्य- अनेक पत्र-पत्रिकाओं, वेबपत्रिकाओं एवं प्रतिष्ठित साहित्यकारों द्वारा संपादित करीब 50 संकलनों में रचनाएँ प्रकाशित। बाल साहित्य में सक्रियता गोष्ठी-विमर्श के साथ सम्मान समारोह का आयोजन/संचालन। अतीत की धरोहर : खजुहा, फतेहपुर के वृत्तचित्र आलेख लेखन में सहयोग। 
लेखन विधा- हास्य-व्यंग्य, ग़ज़ल, बाल कविता, क्षणिका, हाइकु, दोहा तथा आलेख आदि।
सम्बद्धता- मासिक पत्रिका दि अण्डरलाइन के सम्पादकीय सलाहकार का दायित्व 2020 से। संगठन मंत्री- भारतीय बाल कल्याण संस्थान, कानपुर तथा बाल साहित्य संवर्धन संस्थान के संस्थापक सदस्य।
सम्मान- साहित्य मण्डल श्रीनाथ द्वारा बाल साहित्य भूषण सम्मान, अम्बिका प्रसाद दिव्य स्मृति सम्मान, भोपाल, पं. हर प्रसाद पाठक स्मृति बाल साहित्य सम्मान, मथुरा, भारतीय बाल कल्याण संस्थान, कानपुर, मानस संगम, कानपुर, प्रभा स्मृति बाल साहित्य सम्मान, शाहजहाँपुर एवं विकासिका सहित अनेक संस्थाओं द्वारा सम्मानित। 
सम्प्रति- स्वतन्त्र लेखन।
सम्पर्क- एल.आई.जी.- 1, सिंगल स्टोरी, बर्रा- 6, कानपुर (उ. प्र.)
पिन कोड- 208027
मोबाइल- 9455511337